जयपुर विद्युत वितरण निगम ने किया नवाचार
जयपुर । कार्यस्थल पर होने वाली विद्युत दुर्घटनाओं एवं किसी आपात स्थिति का सामना करने के लिए कार्मिकों को तैयार करने के उद्देश्य से जयपुर विद्युत वितरण निगम ने एक नवाचार प्रारंभ किया है। इसके लिए निगम के अभियंताओं एवं अन्य कार्मिकों को एसएमएस अस्पताल के अनुभवी चिकित्सकों की टीम की ओर से समय-समय पर बेसिक लाइफ सपोर्ट एवं फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसकी शुरूआत एसएमएस के ट्रॉमा सेन्टर स्थित स्किल लैब में हुई।
जहां जयपुर डिस्कॉम के अभियंताओं एवं कार्मिकों को कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक दिवसीय विद्युत प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया इस कार्यशाला में एसएमएस अस्पताल के अनुभवी चिकित्सकों एवं मास्टर ट्रेनर्स की टीम ने डिस्कॉम के 30 अभियंताओं एवं अन्य कार्मिकों को सीपीआर, इलेक्ट्रिक शॉक, बर्न इंजरी सहित अन्य प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट एवं फर्स्ट ऐड का प्रशिक्षण दिया। जयपुर डिस्कॉम के निदेशक (तकनीकी) संजय सिंह नेहरा, जयपुर संभाग के मुख्य अभियंता (ओएंडएम) आर.के.जीनवाल, एसएमएस अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी एवं ट्रॉमा एवं अस्थि रोग संस्थान के नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने अभियंताओं एवं कार्मिकों को कार्यशाला के समापन पर सर्टिफिकेट प्रदान किए। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (प्रशिक्षण) के.सी. शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को करंट लगने, ऊंचाई से गिरने, हृदयाघात एवं अन्य प्रकार की आपात स्थिति में जान बचाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रारंभिक उपचार का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के नियमों के अनुरूप प्रारंभ किया गया है. निगम के अन्य अभियंताओं एवं कार्मिकों को भी यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।

टी20 वर्ल्ड कप में भारत की शानदार उड़ान, 5 सेमीफाइनल का इतिहास और इस बार की उम्मीदें
कृषि नीतियों पर गरमाई राजनीति, आदिवासी हित बना मुद्दा
होलिका दहन कन्फ्यूजन खत्म: जानें कब है सही दिन, कितने बजे तक रहेगा भद्रा काल
विपक्ष पर बढ़त बनाने के लिए जमीनी अभियान की शुरुआत
गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, इलाज के दौरान मौत
गोरखा नेताओं की रणनीतिक बैठक, पुरानी मांग को फिर मिली हवा